Pusa Basmati 1692 (PB-1692)
जल्दी पकने वाली, उच्च गुणवत्ता वाली बासमती — जिसके दाने बेहद लंबे और पतले होते हैं, जिसमें हेड-राइस रिकवरी अच्छी होती है और दाने कम झड़ते हैं — इसे कटाई के लिए कम समय-सीमा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
सरकार द्वारा अनुमोदित किस्म
ICAR द्वारा विकसित बासमती किस्म की सिंचाई-युक्त उत्तरी भारतीय परिस्थितियों के लिए अनुशंसा की गई है।
उत्तर भारतीय मिट्टी के प्रकारों के लिए उपयुक्त
पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू क्षेत्रों के लिए उपयुक्त।
रोग सहनशीलता
खेत की परिस्थितियों में यह ब्लास्ट और बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट के प्रति बेहतर सहनशीलता दर्शाता है।
उच्च उपज क्षमता
यह पारंपरिक बासमती की तुलना में बेहतर पैदावार और खेत में स्थिर प्रदर्शन प्रदान करता है।
उत्कृष्ट दाने की गुणवत्ता
बेहद लंबे, पतले दाने, जिनमें बेहतरीन फैलाव और बासमती की तेज़ खुशबू होती है।
किसान विश्वसनीय और प्रमाणित
लगातार रिटर्न और प्रीमियम बाज़ार वरीयता के लिए व्यापक रूप से स्वीकार्य।
PB 1692 को क्यों चुनें ?
(110–115 दिन) – जल्दी कटाई, फसल चक्र के बेहतर विकल्प और मौसम के आखिर में होने वाले तनावों का कम सामना।
न बिखरने और न गिरने की आदतें, वास्तव में काटी जा सकने वाली उपज को बढ़ाती हैं।
अत्यधिक लंबे और पतले दाने, तथा हेड-राइस की उच्च रिकवरी इसे 'प्रीमियम बासमती' के रूप में बाज़ार में बेचने योग्य बनाती है।

बुआई का समय (Sowing Time)
PB-1692 की नर्सरी बुआई मई के अंतिम सप्ताह से जून के पहले पखवाड़े तक तथा रोपाई जून के अंत से जुलाई के पहले सप्ताह तक उपयुक्त रहती है।

कुल अवधि
(Crop Duration)
यह किस्म सामान्यतः लगभग 120–125 दिनों में पककर तैयार हो जाती है (कम अवधि बासमती किस्म)।

उपज क्षमता (Yield Potential)
PB-1692 की औसत उपज लगभग 18–20 क्विंटल प्रति एकड़ (45–50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर) तक प्राप्त हो सकती है।

दाना गुणवत्ता (Grain Quality)
इस किस्म के दाने लंबे, पतले, सुगंधित, कम चॉकनेस वाले और पकने पर अच्छी लंबाई बढ़ोतरी वाले होते हैं।

रोग प्रतिरोध (Disease Resistance)
PB-1692 में ब्लास्ट और बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट (BLB) के प्रति अच्छा प्रतिरोध पाया जाता है।

उपयुक्त क्षेत्र (Suitable Regions)
यह किस्म उत्तर भारत के बासमती क्षेत्र जैसे पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू क्षेत्र के लिए उपयुक्त है।

प्रबंधन सुझाव (Management Tips)
अच्छी गुणवत्ता और उपज के लिए समय पर रोपाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और नियंत्रित सिंचाई (विशेषकर फूल व दाना भरने की अवस्था में) आवश्यक है।
