Mustard RH 30
RH 30 भारतीय सरसों की एक भरोसेमंद और अधिक पैदावार देने वाली किस्म है, जो अपने अच्छे तेल की मात्रा और उत्तरी भारत की परिस्थितियों में समय पर बुवाई किए जाने पर स्थिर प्रदर्शन के लिए जानी जाती है।
सरकार द्वारा अनुमोदित किस्म
सिंचित और समय पर बुवाई की स्थितियों के लिए उपयुक्त, राज्य द्वारा अनुशंसित सरसों की किस्म।
उत्तर भारतीय मिट्टी के प्रकारों के लिए उपयुक्त
राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और सरसों उगाने वाले आस-पास के क्षेत्रों के लिए अच्छी तरह से अनुकूलित।
रोग सहनशीलता
यह सफेद रतुआ और अल्टरनेरिया ब्लाइट जैसी प्रमुख बीमारियों के प्रति अच्छी सहनशीलता दर्शाता है।
उच्च उपज क्षमता
अनुशंसित कृषि पद्धतियों के तहत स्थिर और उच्च बीज उपज प्रदान करता है।
उत्कृष्ट दाने की गुणवत्ता
यह अधिक तेल की मात्रा और अच्छे बाज़ार मूल्य वाले बड़े बीज पैदा करता है।
किसान विश्वसनीय और प्रमाणित
लगातार बेहतर प्रदर्शन और भरोसेमंद मुनाफ़े के लिए इसे बड़े पैमाने पर उगाया जाता है।
Mustard RH 30 को क्यों चुनें ?
तेल की अच्छी मात्रा- तेल की मज़बूत रिकवरी, जिससे यह व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बन जाता है।
लगातार पैदावार- सामान्य प्रबंधन के तहत सभी मौसमों में भरोसेमंद प्रदर्शन।
व्यापक रूप से अनुकूलित – पूरे उत्तरी भारत में समय पर बुवाई की स्थितियों में इसका प्रदर्शन अच्छा रहता है।

बुआई का समय (Sowing Time)
RH 30 सरसों की बुआई अक्टूबर के पहले पखवाड़े से मध्य अक्टूबर तक करना सबसे उपयुक्त रहता है।

कुल अवधि
(Crop Duration)
यह किस्म सामान्यतः लगभग 135–140 दिनों में पककर तैयार हो जाती है।

उपज क्षमता (Yield Potential)
RH 30 की औसत उपज लगभग 8–10 क्विंटल प्रति एकड़ (20–25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर) तक प्राप्त हो सकती है।

दाना गुणवत्ता (Grain Quality)
इस किस्म के दाने मध्यम आकार के, उच्च तेल प्रतिशत (लगभग 39–40%) और अच्छी गुणवत्ता वाले होते हैं।

रोग प्रतिरोध (Disease Resistance)
RH 30 में व्हाइट रस्ट और अल्टरनेरिया ब्लाइट के प्रति मध्यम सहनशीलता पाई जाती है।

उपयुक्त क्षेत्र (Suitable Regions)
यह किस्म हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शुष्क व अर्ध-शुष्क क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है।

प्रबंधन सुझाव (Management Tips)
अच्छी उपज के लिए समय पर बुआई, 30×10 सेमी दूरी बनाए रखना, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और 2–3 सिंचाई करना लाभदायक रहता है।
